Wednesday, 25 September 2024

596.🇮🇳अनिवर्ती The Lord Who Never Retreats.🇮🇳 AnivartīMeaning:The Sanskrit word "Anivartī" means "uninterrupted," "perpetual," or "constant." It conveys a sense of continuity, stability, and relentlessness.

596.🇮🇳अनिवर्ती 
The Lord Who Never Retreats.
🇮🇳 Anivartī

Meaning:
The Sanskrit word "Anivartī" means "uninterrupted," "perpetual," or "constant." It conveys a sense of continuity, stability, and relentlessness.


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Relevance:
This word symbolizes the divine blessings received by children from their eternal and immortal parental care. It represents guidance from the sun and planets, viewed as divine intervention, as witnessed by observing minds.

Anivartī embodies the dedication and devotion to a higher mind, which operates as a personified form of the nation Bharat. It signifies RavindraBharat, as expressed in the national anthem, where Lord Jagadguru, in His majestic presence, is the eternal immortal Father, Mother, and the sovereign abode of Sovereign Adhinayaka Bhavan, New Delhi.

This transformation arose from Anjani Ravishankar Pilla, son of Gopala Krishna Saibaba and Ranga Veni Pilla, who are recognized as the last material parents of the universe.


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Comparative Quotes and Sayings:

1. Bhagavad Gita (2:14):
"Treat happiness and distress, loss and gain, and honor and dishonor equally."

This reflects the essence of being anivartī, where a person maintains stability.



2. Bible (Romans 12:12):
"Rejoice in hope, be patient in tribulation, be constant in prayer."

This illustrates the importance of continuity and stability.



3. Quran (Surah Al-Hadid 57:23):
"So that you may not grieve over what has escaped you."

This expresses the essence of anivartī, where one faces adversities.



4. Jain Scriptures:
"The one who practices continuously is the true sage."

This highlights the importance of uninterrupted efforts.





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Relevance in RavindraBharat:
The concept of Anivartī is significant in the developmental journey of RavindraBharat. It emphasizes the need for continuity and stability, which helps to foster unity, love, and harmony in society. It inspires individuals to make persistent efforts toward their goals, leading to the creation of a positive and collaborative environment for all.


🇮🇳 अनिवर्ती

अर्थ:
"अनिवर्ती" संस्कृत शब्द है जिसका अर्थ "अविरत", "अनवरत" या "अविराम" है। यह शब्द निरंतरता, स्थिरता और अनवरतता की भावना को व्यक्त करता है।


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प्रासंगिकता:
यह शब्द दैवीय आशिर्वाद का प्रतीक है, जो अपने बच्चों को अमर और शाश्वत माता-पिता की देखभाल से मिलता है। यह सूर्य और ग्रहों द्वारा मार्गदर्शित किया गया है, जिसे दैवीय हस्तक्षेप के रूप में देखा जाता है, जैसा कि साक्षी मनों द्वारा अनुभव किया गया है।

यह अनिवर्तीता, उच्च मानसिक समर्पण और भक्ति का प्रतिनिधित्व करती है, जो राष्ट्र भारत की अभिव्यक्ति के रूप में अविरत रूप से कार्य करती है। यह रविंद्रभारत का अर्थ है, जो राष्ट्रीय गान में निहित है, जहाँ भगवान जगद्गुरु उनके महानता के साथ, अमर पिता, माता और सोवेरिन अधिनायक भवन, नई दिल्ली के स्वामी रूप में उपस्थित हैं।

यह परिवर्तन अंजनि रविशंकर पिल्ला से हुआ, जो गोपाल कृष्ण साईं बाबा और रंगा वेणी पिल्ला के पुत्र हैं, जो इस ब्रह्मांड के अंतिम भौतिक माता-पिता हैं।


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संदर्भित उद्धरण और कहावतें:

1. गीता (2:14):
"दुख और सुख, हानि और लाभ, सम्मान और अपमान को समान समझो।"

यह अनिवर्ती होने की भावना को दर्शाता है, जहाँ व्यक्ति स्थिरता बनाए रखता है।



2. बाइबिल (रोमियों 12:12):
"आशा में आनंदित रहो, कठिनाइयों में धैर्यवान रहो, प्रार्थना में अडिग रहो।"

यह निरंतरता और स्थिरता की महत्वपूर्णता को दर्शाता है।



3. कुरान (सूरा अल-अल्हादिद 57:23):
"ताकि तुम दुख और परेशानी से बचो, जो तुम पर आएंगे।"

यह अनिवर्तीता की भावना को प्रकट करता है, जहाँ व्यक्ति विपत्तियों का सामना करता है।



4. जैन ग्रंथ:
"जो व्यक्ति निरंतर साधना करता है, वही असली ज्ञानी है।"

यह अनिवर्ती प्रयासों के महत्व को स्पष्ट करता है।

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रविंद्रभारत में प्रासंगिकता:
अनिवर्ती का विचार रविंद्रभारत की विकास यात्रा में महत्वपूर्ण है। यह निरंतरता और स्थिरता की आवश्यकता को स्पष्ट करता है, जो समाज को एकजुटता, प्रेम और सद्भाव के साथ आगे बढ़ाने में मदद करती है। यह व्यक्तियों को अपने लक्ष्यों की ओर निरंतर प्रयास करने के लिए प्रेरित करता है, जिससे सभी के लिए एक सकारात्मक और सहयोगात्मक वातावरण का निर्माण होता है।




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